समर्थक

बुधवार, 4 मई 2011

प्यारे बच्चों के लिए

प्यारे  बच्चों
    आपके लिए आज मैं एक ऐसा फ़िल्मी गीत लेकर आयी हूँ जो मेरा बचपन से साथी रहा है.मुझे यह बहुत पसंद रहा है आशा करती हूँ ये आपको भी बहुत पसंद आएगा.अच्छा बच्चों ये बताना की दीदी की आवाज़ कैसी लगी.
                                                                           अब सुनो ध्यान से और अपने महत्व को जानो.
                                        बाय-बाय
                 तुम्हारी दीदी
 शालिनी कौशिक
                           

7 टिप्‍पणियां:

शिखा कौशिक ने कहा…

it's wounderful .keep it up .thanks a lot for such a lovely post .

Chinmayee ने कहा…

bahut sundar

चैतन्य शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर ...हम बच्चे मन के सच्चे ही होते हैं....

Surendrashukla" Bhramar" ने कहा…

शिखा जी बहुत सुन्दर आप ने ये
बच्चे मन के सच्चे सुना मन खुश कर दिया

मन करता है की हम बच्चे भी आप को अब शिखा दीदी ही लिखें

आप की बाल जगत को खुश रखने की शिक्षा देने की कोशिश सराहनीय है
आइये हमारे ब्लॉग पर अपना समर्थन व् प्यार दें
http://surenrashuklabhramar5satyam.blogspot.com
बाल झरोखा और अन्य में आप का स्वागत है

Surendrashukla" Bhramar" ने कहा…

एक बात और शालिनी जी
शिखा जी और शालिनी जी में हम हमेशा भूल जाते हैं शायद आप को शिखा जी लिखा हो क्षमा करें

जो भी हो आप दोनों दीदियों की बाल जगत में योगदान के लिए बधाई

शुक्ल भ्रमर ५

JHAROKHA ने कहा…

shalini ji
bahut bahut achhi lagi bachcho ke li ye pyaara sa geet .sach! ye geet ham jab sugungnnate hain to bachpan wale hi bahv ki kalpnaao me dub jaate hain . mujhe bhi yah gaana bahut hi pyara lagta hai jisme bachcho ki ahmiyat pata chalti hai .
waqai bachche to man ke sachche hi hote hai .jin saancho me aap unhe dhaloge ve dhal jaate hain
bahut bahut badhai
poonam

mahendra srivastava ने कहा…

बहुत बढिया