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बुधवार, 28 मार्च 2012

''मिशन लन्दन ओलम्पिक गोल्ड ''


जूनून जूनून हमें हॉकी का जूनून 


भारतीय हॉकी पुरुष  टीम को लन्दन ओलंपिक हेतु हार्दिक शुभकामनायें !





मैदान में आ संभल कर जरा ;
हमसे न ऐसे आखें मिला ;
स्टिक नहीं ये तलवार है ;
भिड़ने को हम भी तैयार हैं ;
उबलने लगा हमारा भी खून  !
जूनून जूनून हमें हॉकी का जूनून !


चुनौती  नहीं ये ललकार है 
आ जा अगर स्वीकार है ;
हमको यकीन होने वाला है ये ;
जीत हमारी तेरी हार है ;
हराकर ही तुझको आये सुकून !
जूनून जूनून हमें हॉकी का जूनून !
                         जय हिंद! जय भारत   !
                      शिखा कौशिक  




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''मिशन  लन्दन ओलम्पिक  गोल्ड  ''

मिशन लन्दन ओलंपिक हॉकी गोल्ड

रविवार, 25 मार्च 2012

''अक्षिता '' [पाखी ]को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनायें

 ''अक्षिता '' [पाखी ]को उनके जन्मदिन पर  हार्दिक शुभकामनायें !

Laughter And Love.


सर्वप्रथम हमारी प्यारी सी परी ''अक्षिता '' [पाखी ]को उनके जन्मदिन पर हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनायें .ऐसी ही प्यारी बेटियों की ओर से अपने शब्दों में प्रस्तुत कर रही हूँ ये रचना -






हम  नन्ही -नन्ही  देवी  हैं ;
हमको है सबसे ये कहना ;
कन्या भ्रूण  को मत मारो ;
वे भी हम सबकी हैं बहना .




कन्या उज्जवल करती दो कुल ;
माता,पुत्री, पत्नी,बहना ;
नौ दिन पूजा कर लेने से 
नहीं पाप तुम्हारा  है धुलना .
                                        [सभी फोटोस  गूगल से साभार ]


पूजन नहीं, हमें वचन दो 
ऐसे पाप को रोकोगे ;
स्वयं कभी ऐसा करने की 
मन से भी ना सोचोगे .


                              शिखा कौशिक 
                        शालिनी कौशिक 

गुरुवार, 22 मार्च 2012

नन्ही -नन्ही देवी को वचन दो !







हम  नन्ही -नन्ही  देवी  हैं ;
हमको है सबसे ये कहना ;
कन्या भ्रूण  को मत मारो ;
वे भी हम सबकी हैं बहना .




कन्या उज्जवल करती दो कुल ;
माता,पुत्री, पत्नी,बहना ;
नौ दिन पूजा कर लेने से 
नहीं पाप तुम्हारा  है धुलना .
                                        [सभी फोटोस  गूगल से साभार ]


पूजन नहीं, हमें वचन दो 
ऐसे पाप को रोकोगे ;
स्वयं कभी ऐसा करने की 
मन से भी ना सोचोगे .


                              शिखा कौशिक 

मंगलवार, 20 मार्च 2012

आज ''गौरैया -दिवस '' है


[गूगल से साभार ]
आज ''गौरैया -दिवस  '' है  .हमारी प्यारी चिड़िया  -

''हमारे  आस -पास  फुदकती  रहो ;
हमारे  आँगन  में  आकर  चहकती रहो ''


फुदक-फुदक कर डोल रही है 
मेरी बगिया में एक चिड़िया .

कितना मीठा बोल रही है ;
मेरी बगिया में एक चिड़िया .

फव्वारे में नहा रही है ;
मेरी बगिया में एक चिड़िया .

सबका मन बहला रही है ,
मेरी बगिया में एक चिड़िया .

                           शिखा कौशिक 

सोमवार, 5 मार्च 2012

'विश्व पुस्तक मेला''-एक छोटी सी झांकी



3 मार्च २०१२ को मैं अपने पिता जी के साथ दिल्ली ''विश्व पुस्तक मेला'' भ्रमण पर गयी थी .वहीँ मैंने कुछ फोटोस  मोबाइल से लिए  हैं .यदि आप यहाँ नहीं जा  पायें  हैं तो एक  छोटी  सी झांकी  का  आनंद तो ले ही सकते हैं -

११ number   के पैवेलियन का प्रवेशद्वार 
हिंदी के सभी चर्चित प्रकाशकों की  स्टॉल इसी में थी 


मेरे पिता जी ''नक्षत्र''के पैवेलियन में 
इसमें ज्योतिष की पुस्तकों के अतिरिक्त  ज्योतिष सम्बंधित सामान की स्टॉल  भी थी 



गीता प्रेस की स्टॉल 
इसके विषय में सभी का विचार था कि
इस पर हमेशा  भीड़ रहती  है क्योकि इस प्रकाशन में बहुमूल्य  पुस्तकें कम कीमत पर उपलब्ध है 

एक प्रकाशन ने माता सरस्वती जी की यह 
प्रतिमा स्टॉल पर लगाई जो अनायास ही सबका ध्यान आकर्षित कर रही थी 

भारत सरकार की विधि साहित्य की इस  स्टॉल का भी हमने अवलोकन किया .

वाणी प्रकाशन की स्टॉल बहुत   आकर्षक लगी  .
नेशनल बुक  ट्रस्ट की स्टॉल भी दर्शकों के लिए पलकें बिछाए थी .
दर्शकों की सूचनार्थ इस तरह के सूचना-पट्टिकाएं  भी लगाई  गयी  थी 
यह राजकमल प्रकाशन की सूचना पट्टिका है .
किताबघर  प्रकाशन की स्टॉल में भी भ्रमण किया हमने .

ये महाशय ! बने बच्चों की पहली पसंद तो मैंने भी 
इन्हें रोककर ले लिया  इनका एक फोटो . 

यही  भेंट हुई DDnews  के SR .CORRESPONDENT  
श्री गिरीश निशाना जी से [दायें]
यहाँ भी अन्ना के आन्दोलन से जुड़ने का 
आह्वान   करती   एक   स्टॉल   लगाई   गयी   थी   
युवा वर्ग के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र  रही  .
मेरे द्वारा ली गयी कुछ पुस्तकें .

आशा है पुस्तक मेले रुपी अर्णव की एक बूँद रुपी यह झलक आपको भायी होगी .कैसी लगी आपको यह प्रस्तुति जरूर बताएं !
होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ 

शिखा कौशिक