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मंगलवार, 3 फ़रवरी 2015

चूहे


टॉमी -जॉनी 
दो चूहे थे टॉमी-जॉनी 
हर पल करते थे शैतानी;
कभी किसी के कपडे काटें 
कभी वो रोटी लेकर भागें ;
एक दिन आ गयी बिल्ली रानी 
दोनों को हो गयी परेशानी ;
कैसे इससे जान बचाएं ?
कैसे फिर से धूम मचाएं ?
इतने में आ गया गृह स्वामी ;
भागी देख के बिल्ली रानी ,
चूहों ने फिर मन में ठानी 
नहीं करेंगे अब मनमानी ;
गृह स्वामी ने हमें बचाया 
हमको है अहसान चुकाना 
कपडा-कागज न काटेंगे 
रोटी लेकर न भागेंगे ;
अनुशासन से यहाँ रहेंगे 
अच्छा हमको सभी कहेंगे .
                          शिखा कौशिक