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गुरुवार, 24 नवंबर 2011

सूरज चाचा रोज सुबह तुम हमें जगाने आते हो


     
सूरज चाचा रोज सुबह तुम 
 हमें जगाने आते हो ;
किरण बुआ के उजियारे से 
सारा जग चमकाते हो .
काले काले अंधियारे से 
खो जाती हैं सभी दिशाएं ;
मेरे जैसे नन्हे बच्चे 
माँ से लिपट-चिपट सो जाये 
तुम आकर के अंधकार का 
सारा दंभ मिटाते हो .
सूरज चाचा रोज सुबह 
तुम हमें जगाने आते हो !
शीतकाल में धूप सेंककर 
कितना अच्छा लगता है !
खील-बताशे ;गन्ना गुड भी 
साथ साथ में चलता है ,
तुम ही हो जो क्रूर शीत से 
आकर हमें बचाते हो .
सूरज चाचा रोज सुबह 
तुम हमें जगाने आते हो .

                                 शिखा कौशिक 
[sabhi photo google se sabhar ]

शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

जान के लाले -a short story






''देखो होशियार रहना !मैं तुम्हारे लिए कुछ भोजन का इंतजाम करने जाती हूँ .खेल -कूद  के चक्कर में बिल से ज्यादा दूर मत  जाना इधर वह दुष्ट टिंकी   बिल्ली घात लगाकर बैठी  रहती  है  .सावधान   रहना !''शेनी चुहिया अपने बच्चों को हिदायत देकर होशयारी  से बिल से निकल  गयी  भोजन की  तलाश  में .माँ  के जाते ही सिम बोला ''चल  टिम   बिल से बाहर   खेलते   हैं .बिल में तो मेरा दम घुट जाता है .'' टिम बोला ''तू ही खेल बाहर..मैं तो मोबाइल   पर गेम खेल लूँगा.माँ ने मना किया है बिल से बाहर ज्यादा घूमने के लिए .माँ साथ हो तो ठीक है वर्ना मुझे तो डर लगता  है .'' सिम टिम की  बातों  को अनसुना  कर ज्यों ही बाहर निकला  उसके  होश उड़ गए .टिंकी बिल्ली नज़र गडाए उसी ओर देख रही थी .टिंकी ने छलांग  लगाकर ज्यों ही सिम को पकड़ना चाहा सिम पूरा जोर लगाकर बिल में कूद पड़ा .टिम उसकी हालत देखकर सारा मामला समझ गया .उसने सिम को समझाते  हुए कहा-देखा जो  बड़ों की बात नहीं मानते उन्हें ऐसे ही जान के लाले  पड़ जाते हैं .
                                   शिखा कौशिक 

रविवार, 13 नवंबर 2011

आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .

मम्मी ने सुबह जगाकर कहा Special dayChildren's Day Cards 14 Nov 2011
पापा ने गले लगाकर कहा 
दादा ने टॉफी देकर कहा 
दादी ने गोद बिठाकर कहा 
आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .


Gift for childrenChildrenGreat deal...
तुम हो आशाओं के दिएँ
कुछ न मुश्किल  तुम्हारे लिए 
जो सपने 'चाचा' के अब तक अधूरे 
तुमको ही तो अब करने हैं पूरे 

Creation of god...Chacha nehruLove & care...
बगिया के फूलों ने हँसकर कहा 
कोयल ने कूह-कूह करके कहा 
कलियों ने चट-चट चटक कर कहा 
तितली ने थोडा मटक कर कहा 
आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .

Shine in lifeKids...Gems to us
फूलों के जैसे महकते रहो 
सूरज के जैसे चमकते रहो 
मान बढ़ाना अपने वतन का 
झंडा फहराना सदा ही अमन का 
Let's celebrateLets enjoyLive life

मैडम ने पाठ  पढ़ाकर कहा 
मित्रों ने हाथ मिलाकर कहा 
भैय्या  ने हमको भगाकर कहा
दीदी ने गाना गाकर कहा 
आया बाल दिवस मुबारक हो तुमको .
[web duniya se sabhar sabhi photos ]
                                                                                   शिखा  कौशिक  


गुरुवार, 10 नवंबर 2011

प्यारी '' अक्षिता '' को हार्दिक शुभकामनायें .




''नन्हे  फरिश्तों  '' में से एक हमारी प्यारी '' अक्षिता '' को हमारी  ओर से ''राष्ट्रीय   बाल पुरस्कार 2011 '' हेतु   चयनित   होने   पर  हार्दिक   शुभकामनायें  .
                                         शिखा  कौशिक 
                                          शालिनी कौशिक 

शनिवार, 5 नवंबर 2011

प्यारी तितली;


                    
रंग बिरंगी ,नीली -पीली


चंचल ,चपल -थिरकती तितली ;
                   
फूल के ऊपर छतरी बनकर


नाच रही है प्यारी तितली ;
butterfly  picture-4                   butterfly  picture-8
टिंकू, मिंकू , पिंकी -चिंकी


 सबको लगती प्यारी तितली;

ललचाकर है पास बुलाती


पास बुलाकर खुद उड़ जाती
                   
बच्चों की है हँसी उड़ाती


फिर भी जग से न्यारी तितली ;
butterfly  picture-7                 butterfly  picture-11
रंग बिरंगी ,नीली-पीली


चंचल चपल ,थिरकती तितली .


                                             शिखा  कौशिक   
[सभी  चित्र गूगल से साभार ]

बुधवार, 2 नवंबर 2011

राजा क़ा फैसला -a story


             दिव्यपुर नाम क़ा एक नगर था जिसका राजा सौम्य सिंह बहुत न्याय-प्रिय था.उसका राज्य  खुशहाल  था तथा प्रजा सुखी थी.किसी को किसी प्रकार की कमी नहीं थी  .इसी प्रकार सुख पूर्वक दिन व्यतीत हो रहे थे तभी दिव्य्पुर के एक गॉंव सोमपुरी के जंगल में खूखार शेर आ गया
                         
 जो दिन रात कोई न कोई जानवर या मानव पकड़कर ले जाता तथा खा जाता था.उसके डर से लोग गॉंव छोड़कर  दूसरे गॉंव जाने लगे. राजा ने जब ऐसी स्थिति  देखी तो उस ने पूरे राज्य में यह घोषणा करवा दी क़ि जो भी शेर को मारेगा
                             Gold_coins : two type of thai baht coin as silver and brass Stock Photo
उसे चार सो सोने की मुद्राये  इनाम में दी जाएँगी . सोमपुरी में रामदास;कृष्ण चंद ;चन्द्रिका सिंह नाम के तीन मित्र रहते थे.वे तीनो बहुत गरीब थे.उन्होंने सोचा की 'वैसे भी हम गरीबी से तंग आ गए है और इसप्रकार जीना तो मौत से भी बदतर है क्यों न हम जंगल में जाकर शेर को मार डाले और अगर वह हमे खा भी जाये तो कम से कम हम इस गरीबी के जीवन से तो छूट जायेगे. अब उन्होंने किसी प्रकार तीर-कमान क़ा इंतजाम किया तथा जंगल की ओर  चल दिए.दोपहर होने पर वे एक वृक्ष के नीचे विश्राम करने लगे तभी वह शेर वंहा आ पहुंचा. रामदास कमान उठा लाया व् कृष्ण चंद तीर किन्तु  उन्हें यह चलाना नहीं आता था.केवल चन्द्रिका सिंह को तीर चलाना आता था.उसने रामदास से कमान लेकर  व् कृष्ण चंद से तीर लेकर शेर पर तुरंत चला दिया .वह तीर सीधा जाकर शेर के लगा जिससे वह मारा गया.  शेर को मरा हुआ देखकर तीनों के मन में खोट आ गया कि चार सो सोने कि मुद्राएँ मुझे ही मिलनी चाहियें.वे तीनों झगड़ने लगे तथा इसके समाधान के लिए राजा के पास पहुँच गए.राजा ने उनकी समस्या सुनी तथा बोले- रामदास व् कृष्ण  चंद  के तीर-कमान से ही शेर मारा गया है किन्तु यदि चन्द्रिका सिंह को तीर कमान चलाना नहीं आता होता तो न तो शेर मरता अपितु तुम तीनों ही मारे जाते. अत: शेर को मारने में सबसे बड़ा योगदान चन्द्रिका सिंह क़ा ही होने के कारण उसे तीन सो सोने की  मुद्राये प्रदान की जाती हैं;चूँकि रामदास व् कृष्ण चंद ने भी सहयोग किया है इसलिए उन्हें भी पचास-पचास सोने की  मुद्राये प्रदान की जाती हैं. राजा क़ा फैसला सुनकर तीनों संतुष्ट हो गए तथा राजा की प्रशंसा करते हुए अपने गॉंव को चल दिए.
                                                            shikha   kaushik