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सोमवार, 11 अप्रैल 2011

प्रॉमिस

प्रॉमिस
पिंकी -चिंकी -टिंकू 
पार्क खेलने जाते ,
टॉफी-चॉकलेट के रैपर  
वहां फेंक कर आते ,
पार्क गन्दा हो जाता था 
फिर भी न शरमाते .

एक दिन पिंकी की मम्मी भी 
उनके साथ गयी थी ,
उन्होंने उनकी ये आदत 
जल्दी नोट करी थी .

कसकर   फिर तीनों को 
अच्छी डांट लगाई,
रखो साफ सफाई 
यही बात समझाई .

तीनों ने प्रॉमिस की उनसे 
रखेंगें हम ध्यान   ,
जिससे होता हो प्रदूषण 
नहीं करेंगे काम .
   

2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

शिक्षाप्रद रचना के लिए बधाई!

चैतन्य शर्मा ने कहा…

मैं भी ध्यान रखूंगा ...प्रोमिस ...