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बुधवार, 10 नवंबर 2010

prerna

नन्हे फरिश्तों,
                  अब परीक्षाएं पास आ गयी हैं और अब आपको पढाई में ठीक वैसे ही जुट जाना चाहिए जैसे की चीटीं और शेर अपने काम में जुटे रहते हैं.मैं इस लिए आपके लिए हमारा आपका प्यारा ब्लॉग से एक लिंक आपको दे रही हूँ जिस पर जाकर आप एक छोटी सी कविता के जरिये इनके कार्य करने के तरीके को जानchhenti aur sher सकते हैं..
    अच्छा अब पढाई करो मैं चलती हूँ.अगली बार कुछ और लूंगी..

1 टिप्पणी:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

उपयोगी सूत्र!
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शिखा जी इस पोस्ट में आपने एक लिकं "chhenti aur sher" का लगाया है!
ऐसे ही चर्चा मंच में भी लिंक लगाया कीजिए!
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कृपया शब्द पुष्टिकरण हटा दीजिए!
कमेंट करने में इससे देर लगती है!