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रविवार, 27 जनवरी 2013

फूलों जैसे कोमल मन के तितली जैसे चंचल हैं






फूलों जैसे कोमल मन के
तितली जैसे चंचल हैं ,
हम बच्चे हैं प्यारे-प्यारे
सदा ह्रदय से निर्मल हैं .

होंठों पर मुस्कान सजाये
उछल-कूद हम करते हैं ,
अपनी मीठी बोली से
सबका मन हर लेते हैं .

पापा के हम राज दुलारे
माँ की आँख के तारे हैं ,
हमको ही तो सच करने
अब उनके सपने सारे हैं

शिखा कौशिक

शुक्रवार, 25 जनवरी 2013

लाकर मुझको ये प्यारा तिरंगा दिया !

      

काम पप्पा ने कितना  चंगा किया ,
लाकर मुझको ये प्यारा तिरंगा  दिया !



इस तिरंगे की शान निराली बड़ी ,
इसको छत पर फहराने की हसरत चढ़ी ,
वानर दल से मैंने  पंगा लिया !


जब फहरता है ताली बजता हूँ मैं ,
मम्मी-पप्पा को पास बुलाता हूँ मैं ,
मैंने अब न कोई भी दंगा किया !

      गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !

        शिखा कौशिक 'नूतन '


सोमवार, 14 जनवरी 2013

साइकिल पर जब हो सवार ब्रेक चैक कर लो कई बार

    Green_parrot  : Toucan bird showing    Bicycle : Green bike     Bus : School Bus With Happy Children      
तोता चाचा   चले बाज़ार 
साइकिल पर होकर सवार ,

 साइकिल को नहीं किया चैक
साइकिल के थे फेल ब्रेक ,


  तेज चलाकर जाते थे
हवा से वे बतियाते थे ,


 तभी सामने दिखी थी बस
ब्रेक दिए थे हाथ से कस ,


 हुई न जब धीमी रफ़्तार
छोड़ साइकिल भरी उड़ान ,


 बस-साइकिल की हुई भिड़न्त
पिचकी साइकिल तोता जी दंग ,


याद ये रखना बात खास
पंख न होते हमारे पास ,


साइकिल पर जब हो सवार
ब्रेक चैक कर लो कई बार .

      शिखा कौशिक 'नूतन''



गुरुवार, 3 जनवरी 2013

क्यों पीछे पछताया !


नन्ही चिड़िया देर से जागी,
जाना था स्कूल ,
जल्दी जल्दी बैग उठाया ,
गई वो पुस्तक भूल .


क्लास में मैडम उससे बोली
चलो सुनाओ पाठ ,
नन्ही चिड़िया रोकर बोली
पुस्तक भूली आज .


 मैडम ने फिर पास बुलाकर
प्यार से था समझाया ,
काम करो सब सोच समझकर
क्यों पीछे पछताया !


 नन्ही चिड़िया ने रखी
मैडम की सीख ये याद ,
देती है वो बहुत बहुत
मैडम को धन्यवाद !
                      शिखा कौशिक 'नूतन'

शनिवार, 29 दिसंबर 2012

मैडम बिल्ली मुंबई वाली


https://encrypted-tbn1.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcQdhfXUTr-JCSqLBYtB-X1yHBIck4dp1LCqr9cWF2ANpjjQcQkPqzbIXQ2X
 मैडम बिल्ली मुंबई वाली पहने हाई हील
मटक मटक कर चलती हैं जब होता गुड गुड फील 

एक दिन पीछे पड़ गया उनके डॉगी  एक शैतान
दौड़ी लेकर हाथ में सैंडिल तभी बची फिर जान 
उस दिन से वे घूम रही हैं बच्चो नंगे पैर
इसी वजह से बिल्ली मैडम का डॉगी से बैर
     
                         शिखा कौशिक 'नूतन'

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

मम्मी क्यों थी डांट पिलाती ?


Cartoon_mouse : Cute cartoon mouse - vector illustration  Stock Photo

.





टिंकू चूहा करे शरारत ;
शैतानी की उसको आदत ,
मम्मी जब भी डांटे उसको ;
टिंकू को लगती वे आफत


एक दिन लेकर लम्बा डंडा
उसने चारो और घुमाया ,
टकराया दीवार से जाकर
धक्का खा वो संभल न पाया .


 लगी चोट फिर नाक पर आगे ,
खून निकल कर बाहर आया ,
दर्द हुआ फिर बड़ी जोर से ,
रोकर टिंकू था चिल्लाया .


 पापा डॉक्टर बुलाकर लाये ,
डॉक्टर ने मरहम लगाया ,
मम्मी क्यों थी डांट पिलाती ?
आज उसकी समझ में आया !!
                                 शिखा कौशिक 'नूतन '


मंगलवार, 20 नवंबर 2012

कितनी मुसीबत की थी घडी !

Squirrel (sachin_kakkar) Tags: india squirrel gillu gilhari sachinkakkar
 कितनी मुसीबत की थी घडी !
छोटी सी गिल्ली के सिर पर पड़ी ,

 पूसी नाम की बिल्ली
गिल्ली के पीछे थी पड़ गयी .


 गिल्ली थी थर थर थर कांप रही ,
फर फर फर भाग रही ,
सामने जब घर आ गया ,
जल्दी से जाकर घर में घुसी ,
कितनी मुसीबत की थी घडी !



 पूसी थी लेकिन जिद पर अड़ी ,
गिल्ली के घर के बाहर खडी ,
गिल्ली ने सोचा अब क्या करूँ ?
जिन्दा रहूँ या डरकर मरूं ?
कितनी मुसीबत की थी घडी !



 डॉगी  चिंटू  वहां आ गया ,
गिल्ली का था वो दोस्त बड़ा ,
भौंका वो पूसी को देख वहां ,
पूसी हो गयी वहां से हवा ,
मुसीबत की टल गयी थी घडी !


 गिल्ली ने खुश हो  ताली बजाई ,
डॉगी को लाकर  टॉफी खिलाई ,
बोली -मेरी जान बचाई !
दोस्ती है तुमने निभाई !
ये ही बात है सबसे बड़ी !
मुसीबत की टल गयी थी घडी !





http://farm2.static.flickr.com/1193/3168173665_52eedb8f83_m.jpg

                                                                                           



                                                                                   शिखा कौशिक 'नूतन '